The 300 years of Temple of Mithila called 'BhootNath' Temple of Lord Shiva

शमशान घाट के बीच ३०० वर्ष पुराना मिथिला का एक मंदिर

आलेख

The 300 years of Temple of Mithila called 'BhootNath' Temple of Lord Shiva

मिथिला में अनेक मंदिर है और कुछ तो सैकड़ो वर्ष पुराने हैं |  इन्ही मंदिरों में से एक मंदिर है जिसे भुत नाथ का मन्दिर जो की बेनीपुर अनुमंडल से करीब ५ किलोमीटर दूर है | ख़ास बात यह है की यह मंदिर कमला नदी के किनारे स्थित है | मंदिर की एक और एक विचित्रता यह है की यह भी शमशान घाट के ठीक बीच में स्थापित है जैसे कि दरभंगा का श्यामा मंदिर   |

पोहद्दी गाँव जहाँ यह मदिर है , दर्शन के लिए ,  दरभंगा- मधुबनी जिले समेत अन्य जिलों से लोग बाबा भुत नाथ के दर्शन के लिए आते रहते हैं | ‘ बाबा के दर्शन करने  मात्र से मन को सकून मिलता है’ , ऐसा एक भक्त बतातें हैं |

परिसर में प्राचीन बरगद का पेड़

Bhootnath Temple of Mahinam also has a more than 100 years old Banyan Tree

इस मन्दिर परिसर में वर्षों पुराना एक बरगद का पेड़ है भी है जो अपने अजूबेपन के लिए प्रसिद्ध है | वैसे तो लोग यहाँ सालों भर आते-जाते रहते हैं लेकिन पहली जनवरी , माघी एवं कार्तिक पूर्णिमा , शिवरात्रि , नरक निवारण चतुर्दशी एवं श्रावण के सोमवारी को लोगों की काफी भीड़ बाबा भूतनाथ की पूजा-अर्चना के लिए उमड़ पड़ते हैं |

यह मन्दिर लगभग ३०० वर्ष पुराना है | इस मन्दिर की स्थापना जोगियारा स्टेट के मालिक ललित प्रसाद के वंशज ने दी थी | मंदिर की रख रखाव के लिए उन लोगों ने १७ बीघा जमीन मन्दिर को दान में दिया था | लेकिन आसपास के गाँव के लोगों ने मन्दिर की सारी  भूमि हड़प ली |

सिद्धेश्वर नाथ मन्दिर के नाम से भी प्रसिद्द

Bhootnath Temple of Pohaddi-Mahinam of Benipur in Darbhanga with 2 feet high Shivling

मन्दिर में दो फीट की शिव लिंग स्थापित हैं | इसी परिसर में हवन कुंड , महावीर मन्दिर , संत कुटी , तपस्वी भवन , चार शौचालय , एवं चार चापाकल श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध है|

बाबा भूतनाथ की पूजा झींगुर पंडा के वंशज करते आ रहे हैं |  इस मंदिर की स्थापना श्मशान में हुई है इसलिए इस मन्दिर को सिद्धेश्वर नाथ मन्दिर भी कहा जाता है |

मन को शांति देने वाले देव

यहाँ जो भी लोग सच्चे मन से बाबा भुत की पूजा अर्चना करते हैं तो वे भी अपने भक्तों को खाली हाथ नहीं लौटाते हैं |  ख़ासकर संकट से घिरे लोग जब बाबा भुतनाथ को स्मरण करते हैं तो वे उस व्यक्ति की मन को अवश्य शान्ति पहुंचाते हैं |

बाहर से आने वाले लोग यहाँ के यग्य मंडप में रुकते हैं |बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड ने इसे अधिग्रहण कर लिया है |

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