धनतेरस पर नहीं खरीदें एल्युम‌िन‌ियम और शीशे की वस्तु !

आलेख


Dhanteras What to Shop and What Not !

ऐसी मान्यता है की , कार्तिक महीना के कृष्णपक्ष तृतीया के दिन , आयुर्वेद के जनक भगवान  धनवन्तरी ने हाथ में कलश सशरीर जन्म लिया था | कहा जाता है कि वास्तव में यह  भगवान् बिष्णु ही थे जिन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की प्रचार प्रसार  के लिए कार्तिक महीना के कृष्ण पक्ष के त्रयोदशी के दिन धनवंतरी के रूप में जन्म लिया था |

अतः उनके जन्म के उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष दिवाली से दो दिन पहले धनतेरस का पर्व मनाया जाता है | लोकमान्यता के अनुसार  , इस दिन , कोई भी बर्तन खरीदने से धन में तेरह गुना वृद्धि होती है |

धनवंतरी एक बहुत बड़े चिकित्सक थे और वे देवताओं की चिकित्सा करते थे | इसलिए वर्तमान काल में चिकित्सक लोग भी धनतेरस पर्व बहुत ही धूम धाम से मनाते है | इस दिन सोना चांदी के धातु को खरीदना शुभ माना जाता | लोगों का कहना है कि धातु नकारात्मक उर्जा  को खत्म कर देता है |इतना ही नहीं धातु से निकलने बाली तरंग थेराप्युटिक प्रभाव उत्त्पन्न करती है |

कैसे करें तैयारी !

धनतेरस के दिन अपने घरों की सफाई कर शाम को घर में घी का दीपक जलाना चाहिए और माँ लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करना चाहिए |

एक ताम्बे के कलश में रुपया भरकर लक्ष्मी जी के लिए रखा जाय तो साल भर माँ लक्ष्मी उस घर में निवास करती हैं | धन तेरस के दिन जो भी सामान खरीद कर घर लायें उसे अपने राशि के अनुसार घर के विभिन्न दिशाओं में रख दें |

अर्थात –

मेष राशि –  दक्षिण की ओर

वृष राशि-  अग्निकोण में

मिथुन राशि -उत्तर दिशा में

कर्क राशि -उत्तर-पश्चिम दिशा में

सिंह राशि- पूरब दिशा में

कन्या राशि – उत्तर दिशा में

तुला राशि – दक्षिण और पूरब दिशा में

वृश्चिक राशि-दक्षि दिशा में

धनु राशि -उत्तर और पूर्व दिशा में

मकर – पश्चिम दिशा में

कुम्भ- दक्षिण और पश्चिम दिशा में

मीन – उत्तर ओर पूर्व दिशा में

क्या खरीदना माना जाता है बेहद शुभ और अशुभ  !

शुक्र  के रत्न अर्थात हीरा एक वस्तु है जिसे ज्योत‌िषशास्‍त्र के अनुसार धनतेरस पर महिलाओ के लिए खरीदना  अति शुभ माना जाता हैं | चांदी का स‌िक्का , बर्तन जिसमें देवी की प्रतिमा रख कर आराधना की जा सके ली जा सकती है | लक्ष्मी गणेश की चांदी की प्रतिमा को लेकर उसे तिजोरी में स्थापित करने से धन बढ़ता है , ऐसी मान्यता है | एक और वस्तु है जो महंगा भी नहीं है और शास्त्र अनुसार शुभ भी माना गया है वह है ‘धन‌िया का बीज’.लक्ष्मी आराधना के समय इसे भी अर्पित करें और अगले दिन इसे मिट्टी में बो दें |

त‌िजोरी और स्टील के बर्तन खरीदना चाहते हैं तो यह भी खरीदे जा सकते हैं। .लाल वस्‍त्र और श्रृंगार सामग्री की खरीद भी इस अवसर पर शुभ मानी जाती है , इसे , अपनी पत्नी को भेंट करें अथवा किसी अन्य सुहागन स्‍त्री को.

एल्युम‌िन‌ियम और शीशे की वस्तु  में राहू का वास होता है इसलिए धनतेरस पर इन वस्तुओ को  ना ही खरीदें |

Author: Team MithilaConnect

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