एक कहानी दरभंगा के दुल्हिनियाँ पोखर की !

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दरभंगा राज की जितने भी तालाब हैं उसमे से लक्ष्मीसागर साधुगाछी स्थित एक ऐतिहासिक तालाब है , जिसे स्थानीय लोग दुल्हिनियाँ पोखर के नाम से जानते हैं |

दरभंगा महाराज सर रामेश्वर सिंह ने इस तालाब की खुदाई करवाई थी | लोगों का कहना है कि उस समय महाराजा के परिवार से रिश्ता बनाने के लिए कन्या पक्ष के लोग यहाँ ठहरते थे | स्थानीय लोगों का कहना है कि राज महल में जो भी नई नवेली दुल्हन आती थी इस तालाब में स्नान करने के बाद ही राजमहल तक जाती थीं |इसी कारण स्थानीय लोग इसे दुल्हिनियाँ पोखर कहते हैं |

दुल्हिनियाँ पोखर  के आसपास

तालाब का बर्तमान स्वरुप और आसपास स्थित खंडहरनुमा मकानों को देख कर उपर्युक्त बातों की सच्चाई का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है |

बगल में दरभंगा राज का कोहबर घर स्थित है | स्नान करने के बाद नई नबेली दुल्हन कोहबर घर में सज संवर कर पैदल चल कर राज महल तक जाती थी और वहां कुलदेवता की पूजा करती थी |

यही कारण था कि पुरुषों का इस तालाब में स्नान करना प्रतिबंधित था |

पोखर  के आज का स्वरुप

आज यह तालाब अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है | चारों और जंगल ही जंगल है |

इन जंगलों में कुत्ते और सूअरों की लड़ाई आम बात  है | इन जंगलों में पुरुष और महिलायें शौच करते नजर आयेंगे |

तालाब में पानी की जगह जलकुम्भी की भरमार है | तालाब के चारों और स्थानीय लोगों ने कब्जा कर रखा है |

तालाब के विकास के लिए हुए हैं कई बार आन्दोलन

बहुत बार तालाब की विकास के लिए नगर निगम से लेकर बिधानसभा तक आवाज उठाये गए | लेकिन आज तक तालाब की दुर्दशा यथावत बनीं हुई है | सन २००० में स्थानीय विधायक कामेश्वर पूर्वे ने बिधान सभा में इस मामले को उठाया था |

इस बार तालाब की जमींन पर कब्जा करने बालों के खिलाफ नापी कराई गयी है लेकिन इस अभियान को आगे बढाने की कारबाई सिर्फ कागज तक ही सिमट कर रह गयी है |

महाराज कामेश्वर सिंह ने भूकम्प पीड़ितों को बसाया था

मिथिलांचल में १९३४ ई० में भयंकर भूकंप आयी थी | दरभंगा भी इससे अछूता नहीं रहा | हजारों लोग बेघर हो गए |

भूकम्प से पीड़ित हुए बेघरों को महाराजा कामेश्वर सिंह ने इस तालाब के किनारे बसाया था | बाद में महाराजा ने सभी बेघरों को दान में भूमि उपलब्ध करा दी |

नगर निगम का कहना है कि यह तालाब ऐतिहासिक है नगर निगम इस तालाब की सौंदर्यीकरण के लिए योजना बना रही है |तालाब के चारों ओर भूमि को जिन लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है उसे मुक्त कराया जाएगा |

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