एक कहानी दरभंगा के दुल्हिनियाँ पोखर की !

दरभंगा राज की जितने भी तालाब हैं उसमे से लक्ष्मीसागर साधुगाछी स्थित एक ऐतिहासिक तालाब है , जिसे स्थानीय लोग दुल्हिनियाँ पोखर के नाम से जानते हैं | दरभंगा महाराज सर रामेश्वर सिंह ने इस तालाब की खुदाई करवाई थी | लोगों का कहना है कि उस समय महाराजा के परिवार से रिश्ता बनाने के […]

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Patna's Darbhanga house View

पटना का दरभंगा हाउस क्यों है बेहद ख़ास !

पटना दरभंगा हाउस राज काल के धरोहरों में से एक है जिसका पुराना नाम बांकीपुर पैलेस है | गंगा किनारे स्थित यह पैलेस  दरभंगा राज को सत्ता मिलने से लेकर इसे गंवाने तक का इतिहास संजोये हुए है | आइये दरभंगा हाउस कि ख़ास विशेषताएं पर एक नज़र डालते हैं | 1 राजसत्ता प्राप्ति की […]

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raj_darbhanga_history

राज दरभंगा के अस्तित्व से अन्त तक का एक लेखा जोखा !

जब दिल्ली की गद्दी पर अकबर बैठा तो उसे मालुम हुआ कि मिथिला में फैली आराजकता के कारण कर  की प्राप्ति नहीं हो पा रही है तो सबसे पहले उसने मिथिला में शान्ति स्थापना का प्रयास किया उसने यह भी निर्णय लिया कि किसी मैथिल ब्राम्हण को वहां का शासक बना दिया जाय जो वहां […]

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Warrior King of Mithila - Shiv Singh

इस योद्धा ने मिथिला को बनाया था एक शक्तिशाली राज्य !

महाराज शिवसिंह गरुड़ नारायण महाराज देव सिंह के ज्येष्ठ पुत्र थे | उनके पिता की मृत्यु १४०२ ई० में हो गयी | पिता की मृत्यु के बाद शिवसिंह मिथिला के राजा बने | उस समय शिवसिंह मात्र १५ वर्ष के थे | युवराज शिवसिंह  प्रतापी , उदार और विद्वान्  थे | उन्होंने  बहुतों  धर्म ग्रन्थों […]

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Raj Hospital Darbhanga

दरभंगा में एक अस्पताल जहाँ दूर देशो से इलाज के लिए आते थे लोग !

ये अस्पताल है दरभंगा-राजकालीन , राज अस्पताल , जिसकी सन १८७८ ई०  स्थापना की गयी थी में जो उस वक्त  बंगाल राज्य के अंतर्गत था| कहते हैं कि दरभंगा राज अस्पताल सम्पूर्ण बंगाल में कलकत्ता के बाहर पहला ऐसा अस्पताल था जहाँ इलाज के लिए लोग अफगानिस्तान , नेपाल तथा बाकी अन्य देशों से आते […]

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King Rameshwar Singh of Darbhanga had the unique Naulakha haar

दरभंगा महाराज के पास था विश्वस्तरीय जवाहरातों का संग्रह!

दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह को अनमोल जवाहरातों को संग्रह करने का बड़ा शौक था | सन १९४७ में लगाए गए एक अनुमान के अनुसार उस वक्त भारत में लगभग १५० विश्वस्तर के अनमोल रत्न एवं जवाहरातों का संग्रह था | बैसे ये बात सर्वविदित है कि भारत में सबसे बेहतरीन जवाहरातों का संग्रह हैदराबाद के […]

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Shyama temple premises in Darbhanga of Bihar

श्मशान भूमि पर बना है मिथिला का यह मंदिर !

मिथिला में प्रति दिन लोग अपने -अपने घरों में भगवती की अलग-अलग रूपों में पूजा अर्चना करते हैं | लेकिन शारदीय नवरात्रा में वे विशेष रूप से माँ भगवती की पूजा करते हैं |इसलिए मिथिला की धरती को शक्ति की उपासना का प्रमुख केंद्र माना गया है |बिहार के दरभंगा जिले में बहुत से मंदिरों […]

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Karnaat Era remains at Vachaspati Museum at Anharathadi

मिथिला की संस्कृति पर है कर्णाटक राज्य का भी प्रभाव

विद्यापति के युग से ठीक पहले मिथिला में कर्नाटवंश का शासन था इसके संस्थापक मूलतः कर्नाटक के निवासी थे और ये बंगाल से होते हुए मिथिला में आये | इनके साथ दक्षिण के सांस्कृतिक तत्व भी मिथिला में आये और अध्ययन करने पर तत्कालीन कला साहित्य पर उसकी छाप भी देखा जा सकते हैं | […]

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Ala-ud-din Husain Shah had constructed a fort and a Mosque in Bhowara

A tale of Two historical villages in Madhubani – Bhowara and Mangrauni

According to Mr.LSSO Malley,in his Gazetteer published in 1907. Bhowara was a large village half a mile of south of Madhubani.It is said to have been established by Raghav Singh,one of the early ruler of Darbhanga Raj family who resided here till 1762 when Pratap Singh removed his houshold to Darbhanga. It is also said […]

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Under the Oinwars rule RajNagar became the seat of power

Rajnagar – A historical place in Madhubani

Rajnagar is an another village in Madhubani where The Raj of Darbhanga established one of his centeres. During the period of King Rameshwar Singh several beautiful buildings and temples were constructed.However, In the earthquake of 1934 most of the building were destroyed but the remains are still worth seeing. Rajnagar is situated at a distance […]

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