भरवारा ग्राम निवासी गोनू झा थे बीरबल सरीखे मशहूर !

गोनू झा को सम्पूर्ण मिथिलांचल में बीरबल के नाम से पहचाना जाता है | जिस प्रकार बीरबल और तेनाली राम अपनी चतुराई और हाजिर जबाबी के लिए प्रसिद्ध हैं उसी तरह गोनू झा भी अपनी चतुराई और वाक्पटुता के लिए समपर्ण मिथिलांचल में प्रसिद्ध हैं | गोनू झा का जन्म १३ वीं  शताब्दी में दरभंगा […]

Continue Reading

कुप्रथा पर हास्यलेख द्वारा चोट करते थे डा. हरिमोहन झा

हरिमोहन झा को मैथिलि सहिया जगत में ‘ हास्य और व्यंग के सम्राट ‘ के रूप में जाना जाता है | उनके मशहुर पात्र ‘खट्टर काका’ ने उन्हें बेहद प्रसिद्धि दिलाई थी | मैथिली साहित्य के इस  विशिष्ट , आधुनिक एवं प्रसिद्ध लेखक थे  ने अपनी कृतियों द्वारा मिथिलांचल समाज में व्याप्त अंधविश्वास , रुढ़िबाद […]

Continue Reading

शंकराचार्य से शास्त्रार्थ करने वाले मण्डन मिश्र कौन थे !

मण्डन मिश्र  को इतिहास  एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जानता हैं जिन्होंने ने शंकराचार्य  को शास्त्रार्थ में तगड़ी टक्कर दी थी | उनकी पत्नी भारती ने तो शंकराचार्य  शास्त्रार्थ में को हरा भी दिया था | मण्डन मिश्र  का इतिहास मण्डन मिश्र गृहस्थ आश्रम का पालन करने वाले मिथिला के प्रकाण्ड विद्वान थे | […]

Continue Reading
hemkant_jha_maithili_singer

‘मामा यौ कनी खैनी दिय’ ने बनाया था इस गायक को कालजयी !

नयी पीढ़ी के युवा भले ही हेमकान्त को नहीं जानतें हो पर उनके गाये हुए गीतों को कभी ना कभी अवश्य ही सुना होगा | मैथिलि भाषा में उनका गाना ‘मामा यौ कनी खैनी दिया’ अस्सी के दशक में अत्यंत ही प्रचलित हुआ था | प्रसिद्द मैथिलि गायक हेमकान्त झा वैसे अब हमारे बीच नहीं […]

Continue Reading
ASI had acknowledged the importance of this fort in Darbhanga while comparing it with Red fort of Delhi

क्यों दरभंगा महाराज ने बनवाया था दरभंगा में दूसरा लाल किला !

दरभंगा बस स्टैंड के समीप स्थित दरभंगा राज का किला , सामने वाली सड़क से गुजरने वालों का ध्यान बरबस ही खीच लेता हैं | दरभंगा के महाराज का यह किला उत्तर बिहार के दुर्लभ और आकर्षक इमारतों में से एक है | भारत सरकार के पुरातत्व विभाग ने १९७७-७८ में इस किले का सर्वेक्षण […]

Continue Reading
Warrior King of Mithila - Shiv Singh

इस योद्धा ने मिथिला को बनाया था एक शक्तिशाली राज्य !

महाराज शिवसिंह गरुड़ नारायण महाराज देव सिंह के ज्येष्ठ पुत्र थे | उनके पिता की मृत्यु १४०२ ई० में हो गयी | पिता की मृत्यु के बाद शिवसिंह मिथिला के राजा बने | उस समय शिवसिंह मात्र १५ वर्ष के थे | युवराज शिवसिंह  प्रतापी , उदार और विद्वान्  थे | उन्होंने  बहुतों  धर्म ग्रन्थों […]

Continue Reading
Under the reign of Shiv Singh mithila flourished in knowledge and prosperity

King Shiv Singh – a fearless warrior who sacrificed himself for Mithila’s freedom

Shiva Singh was the most famous King often named in the poems of poet Vidyapati.He belonged to Oinwar ruling dynasty and known to have fought many battles. Rise of Oinwar dynasty in Mithila After a brief period of instability,the Oinwara’s began to control Darbhanga.This dynasty was also known as the Kameshwara, Thakura or the Sugauna […]

Continue Reading
Bollywoods noted film director 'Imtiaz Ali' hails from Darbhanga

Some popular contemporary faces in bollywood with roots in Mithila

Despite all the odds including annual floods and weak infrastructural system , Mithila region of Bihar , has been able to produce numerous imminent personalities in all fields of the society.Even the films and entertainment business which has been earlier seen as a ‘less respected profession’ has now found an acceptance in the maithil society. […]

Continue Reading
King Salhesh is regarded as a god by people in Mithila

कौन थे राजा सल्हेश ?

राजा सल्हेश को  मधुबनी जनपदों में सर्वजातीय श्रद्धा एवं प्रतिष्ठा प्राप्त है| इनके शौर्य एवं राज्य प्रशासन की इनकी अदभुत क्षमता से पूर्ण इनकी गाथाएं , उपन्यास, नाटक, रेडियो नाटक, टेलीफिल्म , लोकचित्रों या नृत्य आदि साहित्यिक सांस्कृतिक माध्यम से अधिक स्पंदित नहीं हो पाई है | महाराज सल्हेश का जन्म मधुबनी जिले से सटे […]

Continue Reading
A temple of Vidyapati in Samastipur district of Bihar

कवि विद्यापति की थी दो पत्नियाँ : जीवन परिचय और पृष्टभूमी

  बात करतें है विधापति का जीवन परिचय की तो इस मैथिलि के महा-कवि का जन्म दरभंगा जिले के जरैल परगना के अंतर्गत बिस्फी गाँव में एक मैथिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था | वे विशैवार गूढ़ मूल के काश्यप गोत्रीय ब्राह्मण थे | दरभंगा राज पुस्तकालय में सुरक्षित विद्यापति द्वारा लिखित श्रीमद् भागवत की […]

Continue Reading