क्या कहा था भगवान् राम ने सिमरिया धाम के सन्दर्भ में !

सिमरिया धाम को हम कल्पवास मेले के रूप में जानते हैं | इस स्थान के सबसे नजदीक बड़ा स्टेशन बरौनी और बेगुसराय है जहां पर सभी रूटों की मेल एवं एक्सप्रेस गाड़ियां रुकती है | यहाँ से आप टैम्पो , बस एवं अन्य सवारियों से सिमरियाघाट पहुँच सकते हैं | वैसे सिमरिया घाट के पास […]

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एक कहानी दरभंगा के दुल्हिनियाँ पोखर की !

दरभंगा राज की जितने भी तालाब हैं उसमे से लक्ष्मीसागर साधुगाछी स्थित एक ऐतिहासिक तालाब है , जिसे स्थानीय लोग दुल्हिनियाँ पोखर के नाम से जानते हैं | दरभंगा महाराज सर रामेश्वर सिंह ने इस तालाब की खुदाई करवाई थी | लोगों का कहना है कि उस समय महाराजा के परिवार से रिश्ता बनाने के […]

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‘गंगा नदी से भी ज्यादा पवित्र ‘ गया के फल्गु नदी पर छाया अस्तित्व का संकट

गया शहर के पूर्वी छोर पर पवित्र फल्गु नदी बहती है. तकरीबन पूरे साल ही लोग अपने पूर्वजों के लिए मोक्ष की कामना लेकर यहां पहुंचते हैं और फल्गु नदी के तट पर पिंडदान और तर्पण करते हैं. पितृपक्ष के दौरान यहाँ मेला लगा रहता है |हिंदू धर्म में सनातन काल से ‘श्राद्ध’ की परंपरा […]

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Jaale Ratneshwari Temple Darbhanga

मिथिला में यह देवी आज भी करती है राजा के छुपे हुए खजाने की रक्षा !

१२३४ ई० से लेकर १२९३ई० तक बंगाल में सेन राजवंश का शासन था | किन्तु जब वहां देवा राजवंश की स्थापना हुई तो सेन राज वंश  के वारिश वहां से पलायन कर मिथिला आ गए | कैसे आया खज़ाना ! सेन वंश के एक शासक रत्नसेन के नामपर ही इस गाँव का नाम रत्नपुर पड़ा […]

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Ucchaith Temple Madhubani

मधुबनी में है मिथिला का प्रसिद्द प्रबल-सिद्धपीठ भगवती स्थान उचैठ

भगवती स्थान उचैठ  मधुबनी जिला के बेनीपट्टी अनुमंडल से मात्र ४ किलोमीटर की दुरी पर पश्चिम दिशा की ओर स्थित है|  यह स्थान मिथिला में एक प्रसिद्द  सिद्धपीठ के नाम से जाना जाता है | भगवती मन्दिर के गर्भगृह में माँ दुर्गा सिंह पर कमल के आसन पर विराजमान हैं | दुर्गा माँ सिर्फ कंधे […]

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Ajgaibinath Temple Story Bhagalpur

तैरते जहाज जैसा हैं भागलपुर का अजगैवीनाथ महादेव मंदिर !

सुल्तानगंज प्राचीन काल का एक स्थान है | जो भागलपुर से २६ कि०मी० पश्चिम में स्थित है  | यहाँ उत्तरायनी गंगा बहती हैं | गंगा नदी के बीच ग्रेनटिक पत्थर की चट्टान पर अजगैबीनाथ महादेव की मंदिर स्थित है | बाढ़ के दिनों में यह मन्दिर एक तैरते हुए जहाज कि तरह दिखाई पड़ता है […]

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Patna's Darbhanga house View

पटना का दरभंगा हाउस क्यों है बेहद ख़ास !

पटना दरभंगा हाउस राज काल के धरोहरों में से एक है जिसका पुराना नाम बांकीपुर पैलेस है | गंगा किनारे स्थित यह पैलेस  दरभंगा राज को सत्ता मिलने से लेकर इसे गंवाने तक का इतिहास संजोये हुए है | आइये दरभंगा हाउस कि ख़ास विशेषताएं पर एक नज़र डालते हैं | 1 राजसत्ता प्राप्ति की […]

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Ahilyasthan Mela

मिथिला समेत बिहार के छह बड़े और प्राचीन मेले

सर्दियों की आहट के साथ ही मिथिला समेत बिहार के अन्य भागों में मेले शुरू हो जातें हैं | इन मेलों की शुरुआत आज से सैकड़ो साल पहले हुयी थी और आज तक यह लोगो में उत्सुकता बनाये रखने में कामयाब हैं |  तो चलिए बात करतें है कुछ प्राचीन और बड़े मेले की | […]

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The 300 years of Temple of Mithila called 'BhootNath' Temple of Lord Shiva

शमशान घाट के बीच ३०० वर्ष पुराना मिथिला का एक मंदिर

मिथिला में अनेक मंदिर है और कुछ तो सैकड़ो वर्ष पुराने हैं |  इन्ही मंदिरों में से एक मंदिर है जिसे भुत नाथ का मन्दिर जो की बेनीपुर अनुमंडल से करीब ५ किलोमीटर दूर है | ख़ास बात यह है की यह मंदिर कमला नदी के किनारे स्थित है | मंदिर की एक और एक […]

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Kusheshwarsthan History

यह स्थान कहलाता है ‘मिथिला का बाबाधाम’ !

दरभंगा जिलान्तर्गत कुशेश्वरस्थान को मिथिला का बाबाधाम भी कहा जाता है |यह स्थान दरभंगा जिला मुख्यालय से ७० कि०मी० दक्षिण-पूर्व में स्थित है | यहाँ कुशेश्वर महादेव का मन्दिर अवस्थित है |जहाँ सम्पूर्ण मिथिलांचल , नेपाल के पड़ोसी जिला के अलावा प० बंगाल और झारखंड से भी भक्त यहाँ सालों भर यहाँ आते रहते हैं […]

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