Ucchaith Bhagwati Madhubani

मधुबनी जिले के कुछ एतिहासिक सिद्धिपीठ स्थान

मधुबनी जिले  में अनेकों मंदिर और सिद्धिपीठ स्थल हैं | इन में से कुछ मंदिर तो इतने प्राचीन हैं की इनकी आयु तक ज्ञात नहीं है | ये सिद्धिपीठ हजारों वर्षो से मिथिला में लोगों की आस्था का प्रतीक बने हुयें हैं | आज भी लोग , यहाँ, मन्नत मांगने के लिए आस-पास और सुदूर […]

Continue Reading
Temple and Shivling at Singheshwar Madhepura

सिंघेश्वर मंदिर का शिवलिंग है भगवान् विष्णु स्थापित !

सिंघेश्वर स्थान  हिन्दुओं का देश में एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है | यह बिहार के मधेपुरा जिला मुख्यालय से १६ कि० मि० की दूरी पर स्थित है | इस स्थान पर  भगवान् शिव का दिव्या शिवलिंग  स्थापित है जो अपने ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के कारण बहुत प्रसिद्ध हैं | प्रत्येक वर्ष यहाँ शिव-भक्त बड़ी […]

Continue Reading
Raj Hospital Darbhanga

दरभंगा में एक अस्पताल जहाँ दूर देशो से इलाज के लिए आते थे लोग !

ये अस्पताल है दरभंगा-राजकालीन , राज अस्पताल , जिसकी सन १८७८ ई०  स्थापना की गयी थी में जो उस वक्त  बंगाल राज्य के अंतर्गत था| कहते हैं कि दरभंगा राज अस्पताल सम्पूर्ण बंगाल में कलकत्ता के बाहर पहला ऐसा अस्पताल था जहाँ इलाज के लिए लोग अफगानिस्तान , नेपाल तथा बाकी अन्य देशों से आते […]

Continue Reading
Baneshwari Temple of Manigachi Darbhanga

हजारों वर्ष पुराना है मनीगाछी का वाणेश्वरी मंदिर !

मिथिला में तंत्र साधकों के लिए एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है वाणेश्वरी भगवती शक्तिपीठ | यह तीर्थ स्थल मनीगाछी प्रखंड के  भंडारिसो-मकरंदा गाँव में स्थित है | वाणेश्वरी भगवती शक्तिपीठ के रूप में  पूरे  मिथिलांचल में प्रसिद्ध हैं |कहा जाता है कि सच्चे मन से जो भक्त इनके मंदिर में अपना माथा टेकता है वह […]

Continue Reading
Shyama temple premises in Darbhanga of Bihar

श्मशान भूमि पर बना है मिथिला का यह मंदिर !

मिथिला में प्रति दिन लोग अपने -अपने घरों में भगवती की अलग-अलग रूपों में पूजा अर्चना करते हैं | लेकिन शारदीय नवरात्रा में वे विशेष रूप से माँ भगवती की पूजा करते हैं |इसलिए मिथिला की धरती को शक्ति की उपासना का प्रमुख केंद्र माना गया है |बिहार के दरभंगा जिले में बहुत से मंदिरों […]

Continue Reading
Ahilyasthan Kamtaul Darbhanga

दरभंगा के 8 प्राचीन दर्शनीय स्थल

1 अहिल्या स्थान अहिल्या स्थान में एक ऐतिहासिक प्रसिद्ध मंदिर है | यह जाले प्रखंड के कमतौल रेलवे स्टेशनसे लगभग तीन किलोमीटर दक्षिण में अवस्थित है | इसे लोग अहिल्या ग्राम के नाम से भी जानते हैं | रामायण में अहिल्या अच्छी तरह से जानी जाती हैं | रामायण के अनुसार , जब भगवान राम […]

Continue Reading
A large part of Asurgarh fort falls in the way of river now

मिथिला का असुरगढ़ किला – अतीत की एक अनसुलझी पहेली

दरभंगा जिले से 40 किलोमीटर दूर उत्तर-पूर्व में अवस्थित एक खंडहरनुमा किला है| यह खंडहरनुमा किला ५० एकड़ की भूमि पर फैला हुआ है | इसकी उत्पति के सम्बन्ध में माना जाता है कि यह किला असुर साह के द्वारा बनाया गया था जो मुस्लिमों का प्रभावशाली और शक्तिशाली मुखिया था | ऐसा मत है […]

Continue Reading
Lohna is a village in the madhubani district of Bihar in India

क्यों है लोहना गाँव पौराणिक व ऐतिहासिक दृष्टी से महत्वपूर्ण

बिहार राज्य के मधुबनी जिलान्तर्गत लोहना एक ऐसा गाँव है जो दो नदियों कमला और लखनदई (लक्ष्मणा ) के किनारे बसा हुआ है | लोहना गाँव की प्रसिद्धि का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि समीपस्त रेलवे स्टेशन का नाम भी लोहना रोड ही रखा गया | लोहना गाँव की उत्पति  का आधार […]

Continue Reading
Girja Sthan Temple in Madhubani

एक स्थान जहाँ राम ने सीता जी को प्रथम बार देखा !

मधुबनी का प्राचीन नाम ‘मधुवन’ था |त्रेतायुग के राजा जनक जिनका राज्य काफी विस्तारित था ,की राजधानी जनकपुर के नाम से प्रसिद्ध है |कहते भी हैं – ‘मधुवन’में राम खेलत होली | जगत जननी सीता फुल लोढ़ने राजा फुलवाड़ी  गिरजा स्थान जो वर्तमान में फुलहर के नाम से प्रसिद्ध है , नित्य जाया करती थी […]

Continue Reading
A View of janki temple in Sitamarhi

सीता की वास्तविक जन्मभूमि सीतामढ़ी है या पुनौरा ?

कहा जाता है कि  त्रेता युग में  रावण का अत्याचार बहुत बढ़ गया था | एक बार उसने दंडकारन्य  के ऋषियों से कर के रूप में रक्त मांगा | ऋषियों ने अपने-अपने शरीर से रक्त निकाल कर एक घड़ा में भरा और घड़े को श्रापित कर उसके विनाशकारी होने की बात रावण से कहा |यह […]

Continue Reading