According to some known records Dhrupad origin dates back to 15th century by Man Singh Tomar

गायन की एक परंपरा जिसका विकास हुआ था दरभंगा में !

ध्रुपद संगीत भारत की एक संपन्न गायन शैली है | ध्रुपद का अर्थ होता है शैली जो नियमों  से बंधी हुई हो | यह गायन शैली भारत में सबसे पुरानी गायन शैली में से एक  मानी जाती  है |ध्रुपद शैली एक गंभीर प्रकृति का गीत है जिसे गाने पर गला और फेफड़ा पर बल लगाना […]

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Kusheshwarsthan History

यह स्थान कहलाता है ‘मिथिला का बाबाधाम’ !

दरभंगा जिलान्तर्गत कुशेश्वरस्थान को मिथिला का बाबाधाम भी कहा जाता है |यह स्थान दरभंगा जिला मुख्यालय से ७० कि०मी० दक्षिण-पूर्व में स्थित है | यहाँ कुशेश्वर महादेव का मन्दिर अवस्थित है |जहाँ सम्पूर्ण मिथिलांचल , नेपाल के पड़ोसी जिला के अलावा प० बंगाल और झारखंड से भी भक्त यहाँ सालों भर यहाँ आते रहते हैं […]

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Ucchaith Bhagwati Madhubani

मधुबनी जिले के कुछ एतिहासिक सिद्धिपीठ स्थान

मधुबनी जिले  में अनेकों मंदिर और सिद्धिपीठ स्थल हैं | इन में से कुछ मंदिर तो इतने प्राचीन हैं की इनकी आयु तक ज्ञात नहीं है | ये सिद्धिपीठ हजारों वर्षो से मिथिला में लोगों की आस्था का प्रतीक बने हुयें हैं | आज भी लोग , यहाँ, मन्नत मांगने के लिए आस-पास और सुदूर […]

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Feast served on traditional banana leaves in Mithila

मिथिला की संस्कृति में रची-बसी है भोज की परंपरा

किसी विशेष अवसर पर सामूहिक भोजन की परंपरा वैसे तो भारत के अनेकों हिस्सों में प्रचलित है पर अपने अनूठेपन और वृहत स्थर पर पालन होने के कारण मिथिला में भोज की परंपरा वाकई अनोखी है | यहाँ भोज को एक मायने में समाज में आपके बढ़ते रुतबे के परिपेक्ष्य में भी देखा जाता है […]

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There are different tattoo images based on traditions and trends

कैसे शुरू हुई मिथिला में गोदने की प्रथा !

गोदने की प्रथा भारतवर्ष ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व में ही प्राचीन काल से चली आ रही है । कुछ देशों में तो इसे व्यक्ति के साहस से जोड़  कर देखा जाता हैं क्योकि यह एक पीड़ादायक क्षणों से गुजरने जैसा है | गोदने के आकार और  मान्यताएं अनेक मान्यताओं के बीच एक यह भी […]

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Bollywoods noted film director 'Imtiaz Ali' hails from Darbhanga

Some popular contemporary faces in bollywood with roots in Mithila

Despite all the odds including annual floods and weak infrastructural system , Mithila region of Bihar , has been able to produce numerous imminent personalities in all fields of the society.Even the films and entertainment business which has been earlier seen as a ‘less respected profession’ has now found an acceptance in the maithil society. […]

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Saama Chakeva festival of Mithila

मिथिला का एक प्रसिद्ध उत्सव है सामा चकेवा

सामा चकेवा बिहार में मैथिली भाषी लोगों का यह एक प्रसिद्ध त्यौहार है | भाई – बहन के बीच घनिष्ठ सम्बन्ध को दर्शाने वाला यह त्यौहार नवम्बर माह के शुरू होने के साथ मनाया जाता है |इसका बर्णन पुरानों में भी मिला है | सामा – चकेवा एक कहानी है | कहते हैं की सामा […]

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Raj Hospital Darbhanga

दरभंगा में एक अस्पताल जहाँ दूर देशो से इलाज के लिए आते थे लोग !

ये अस्पताल है दरभंगा-राजकालीन , राज अस्पताल , जिसकी सन १८७८ ई०  स्थापना की गयी थी में जो उस वक्त  बंगाल राज्य के अंतर्गत था| कहते हैं कि दरभंगा राज अस्पताल सम्पूर्ण बंगाल में कलकत्ता के बाहर पहला ऐसा अस्पताल था जहाँ इलाज के लिए लोग अफगानिस्तान , नेपाल तथा बाकी अन्य देशों से आते […]

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Baneshwari Temple of Manigachi Darbhanga

हजारों वर्ष पुराना है मनीगाछी का वाणेश्वरी मंदिर !

मिथिला में तंत्र साधकों के लिए एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है वाणेश्वरी भगवती शक्तिपीठ | यह तीर्थ स्थल मनीगाछी प्रखंड के  भंडारिसो-मकरंदा गाँव में स्थित है | वाणेश्वरी भगवती शक्तिपीठ के रूप में  पूरे  मिथिलांचल में प्रसिद्ध हैं |कहा जाता है कि सच्चे मन से जो भक्त इनके मंदिर में अपना माथा टेकता है वह […]

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kalashthapan vidhi in mithila

माँ दुर्गा की स्तुति कैसे करें मैथिल विधि द्वारा !

शारदीय नवरात्रा में प्रत्येक दिन माँ की नौ स्वरूपों की पूजा होती है | विशेष कर मिथिलांचल में , देवालयों सहित प्रत्येक घरों में , माँ की पूजा अर्चना की जाती हैं | माँ की पूजा जिस दिन से शुरू होती है उस दिन को मिथिलांचल में ‘कलशस्थापन’ कहते हैं | इस दिन को माँ […]

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