Janakpur Mithila dham

मिथिला की पावन नगरी जनकपुर

जनकपुर प्राचीन विदेह राज्य की राजधानी थी | यह एक ऐसा रमणीक और पवित्र स्थान है , जिसका   वर्णन धर्मग्रंथों, काव्यों एवं रामायण में भी किया गया है | वर्तमान में यह नगर नेपाल देश में स्थित है | इसी जगह भगवान् राम एवं आदर्श नारी सीता का विवाह संपन्न हुआ था | यहीं पर […]

Continue Reading

दरभंगा में है मुग़ल बादशाह बहादुरशाह ज़फर के पोते की कब्र !

हर मौत को शोहरत नसीब नहीं ,कुछ किरदार गुमनामी में दम तोड़ देतें है लगता है मानो ये शेर मुगल सल्तनत के अंतिम बादशाह बहादुर शाह जफर के पोते जुबैरुद्दीन गोरगन के जीवन को बयां करते हों| बिहार के पटना से लगभग 140 किलोमीटर दूर दरभंगा शहर के दिग्घी तालाब के किनारे एक पुराना और […]

Continue Reading

क्यों मिथिलाचल की मशहूर लहठी इतिहास के पन्नो में हो जाएगी दफ़न ?

सम्पूर्ण मिथिलांचल में लहठी शुभ कार्यों में पहना जाता है | शादी-विवाह के मौकों से लेकर मिथिला के हर छोटे बड़े त्योहार आदि में लाह की बनी लहठी को पहनना बहुत ही शुभ माना जाता है| मिथिलांचल में नवविवाहिता शादी के बाद कम से कम एक वर्ष तक कांच की चूड़ियों की जगह लाह की […]

Continue Reading

भरवारा ग्राम निवासी गोनू झा थे बीरबल सरीखे मशहूर !

गोनू झा को सम्पूर्ण मिथिलांचल में बीरबल के नाम से पहचाना जाता है | जिस प्रकार बीरबल और तेनाली राम अपनी चतुराई और हाजिर जबाबी के लिए प्रसिद्ध हैं उसी तरह गोनू झा भी अपनी चतुराई और वाक्पटुता के लिए समपर्ण मिथिलांचल में प्रसिद्ध हैं | गोनू झा का जन्म १३ वीं  शताब्दी में दरभंगा […]

Continue Reading

क्या कहा था भगवान् राम ने सिमरिया धाम के सन्दर्भ में !

सिमरिया धाम को हम कल्पवास मेले के रूप में जानते हैं | इस स्थान के सबसे नजदीक बड़ा स्टेशन बरौनी और बेगुसराय है जहां पर सभी रूटों की मेल एवं एक्सप्रेस गाड़ियां रुकती है | यहाँ से आप टैम्पो , बस एवं अन्य सवारियों से सिमरियाघाट पहुँच सकते हैं | वैसे सिमरिया घाट के पास […]

Continue Reading

कुप्रथा पर हास्यलेख द्वारा चोट करते थे डा. हरिमोहन झा

हरिमोहन झा को मैथिलि सहिया जगत में ‘ हास्य और व्यंग के सम्राट ‘ के रूप में जाना जाता है | उनके मशहुर पात्र ‘खट्टर काका’ ने उन्हें बेहद प्रसिद्धि दिलाई थी | मैथिली साहित्य के इस  विशिष्ट , आधुनिक एवं प्रसिद्ध लेखक थे  ने अपनी कृतियों द्वारा मिथिलांचल समाज में व्याप्त अंधविश्वास , रुढ़िबाद […]

Continue Reading

क्या विलुप्त हो जायेगा मिथिला में जुड़शीतल पर्व ?

मिथिला में जुड़शीतल पर्व बैशाख की पहली तिथि को मनाया जाता है। इसे बासी पर्व भी कहा जाता है। वैसे तो सम्पूर्ण भारत वर्ष में पर्व त्यौहार मनाये जाते हैं | लेकिन मिथिला में मनाये जाने वाले जितने भी पर्व त्यौहार हैं उसमे जुड़शीतल पर्व की बात ही कुछ और है | जुड़शीतल से जुडी […]

Continue Reading

शंकराचार्य से शास्त्रार्थ करने वाले मण्डन मिश्र कौन थे !

मण्डन मिश्र  को इतिहास  एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जानता हैं जिन्होंने ने शंकराचार्य  को शास्त्रार्थ में तगड़ी टक्कर दी थी | उनकी पत्नी भारती ने तो शंकराचार्य  शास्त्रार्थ में को हरा भी दिया था | मण्डन मिश्र  का इतिहास मण्डन मिश्र गृहस्थ आश्रम का पालन करने वाले मिथिला के प्रकाण्ड विद्वान थे | […]

Continue Reading

एक कहानी दरभंगा के दुल्हिनियाँ पोखर की !

दरभंगा राज की जितने भी तालाब हैं उसमे से लक्ष्मीसागर साधुगाछी स्थित एक ऐतिहासिक तालाब है , जिसे स्थानीय लोग दुल्हिनियाँ पोखर के नाम से जानते हैं | दरभंगा महाराज सर रामेश्वर सिंह ने इस तालाब की खुदाई करवाई थी | लोगों का कहना है कि उस समय महाराजा के परिवार से रिश्ता बनाने के […]

Continue Reading

‘गंगा नदी से भी ज्यादा पवित्र ‘ गया के फल्गु नदी पर छाया अस्तित्व का संकट

गया शहर के पूर्वी छोर पर पवित्र फल्गु नदी बहती है. तकरीबन पूरे साल ही लोग अपने पूर्वजों के लिए मोक्ष की कामना लेकर यहां पहुंचते हैं और फल्गु नदी के तट पर पिंडदान और तर्पण करते हैं. पितृपक्ष के दौरान यहाँ मेला लगा रहता है |हिंदू धर्म में सनातन काल से ‘श्राद्ध’ की परंपरा […]

Continue Reading